Tuesday, August 17, 2010
श्री श्री 1008 काका हथरसी
मेरे सपने में घुस आये
बिना परमिसन के मेरे सोफा पे
दिए टांग फैलाये
दिए टांग फैलाये देख ये जागा मैं
एक लोटा शीतल जल लाने के लिए
किचन की ओर भागा मैं
काका चीखे - अरे मुर्ख जल किसके लिए लाता है
मुझे तो अब प्यास लगने पे बस पेप्सी कोला भाता है
पर सिर्फ पेय नहीं मैं आज भोजन भी करके जाऊंगा
पर भोजन से पहले तेरी वाट लगाऊंगा
काका की सुन बात हुआ मैं हक्का-बक्का
हाथ जोर के पूछा क्या भूल हुई मुझसे कक्का
काका हँसे हँसी बड़ी विकराल थी
मानो उन्होंने अभी सुनी हो
खबर अपनी घरवाली की इन्तेकाल की
काका गरजे
अरे मुर्ख
सुना है तू आज कल कविता किया करता है ?
अपने आप को कवि बता लोगों का सुख चैन हड़प लिया करता है ?
अरे तू कवि नहीं झेल है !
कुत्ते के लार में सना हुआ चौपाटी की भेल है !
कविता लिखने चला है , कभी शक्ल अपनी देखी है ?
ऐसे लगता है मानो किसी ने मुहँ पे बासी चटनी फेंकी है
बासी चटनी फेकी है ; ये सुन मैं हुआ तनिक क्रोधित
काका की आँखों को देख कर किया उन्हें संबोधित
कविता और शक्ल का भला क्या है सम्बन्ध ?
क्या कविता करने पे आया है सरकारी नया पाबंद
सरकारी नया पाबंद ; तू मुझसे जबान लड़ाता है ?
नाक पूछने आती नहीं और ज्ञान बाटने जाता है
मेरी मान छोड़ दे ये कवि बनने की रईसी
वरना मेरी तरह तुझे भी सड़क से चुननी पड़ेगा अपनी ये बत्तीसी
सुन काका का ये वाक्य मेरा ह्रदय गया दहल
अपने अन्दर के कवि को मारने की उसी क्षण शुरू कर दी पहल
उसी क्षण शुरू कर दी पहल ; हाय मर गया एक कवि
पर कम से कम अभी भी मेरे दाँत सलामत है सभी
कंसल्टेंट आए हैं
कंधे पर अरमानी का सूट लटकाए
और आँखों पर ब्रांडेड चश्मा चढ़ाए
100 स्लाईड वाली पॉवर पॉइंट भी साथ लाये है
कंपनी में आज कंसल्टेंट आए हैं
ब्रांडिंग स्ट्रेटजी में है फ़ॉल्ट ढेर सारे
कब तक चलेगी कंपनी डोमेस्टिक ग्रोथ के सहारे
इन्नोवेसन और ग्लोबलिजेसन की तरकीब सुझाये है
कंपनी में आज कंसल्टेंट आए हैं
सेल्स टीम है इनका स्पेशल लोकस
टार्गेट अचीव करवाने पे है पूरा फोकस
पूरी टीम को बिन लोरी के ये सुलाए है
कंपनी में आज कंसल्टेंट आए हैं
IT डिपार्टमेंट को कम्पिलितिली (completely) आउटडेटेड है बताया
दोषी इसका पुराने सिस्टम्स को बताया
सिस्टम रेवाम्प (revamp) करने के लिए वेंडर भी साथ लाये है
कंपनी में आज कंसल्टेंट आए हैं
बात बात पे ये देते है एक ब्रांड न्यू प्रेसेंतेसन
कोई ना समझे गरीब डिपार्टमेंट हेड की फ्रस्त्रेसन (frustration)
ओर्गनिजेशन को स्लिम रखने का पाठ पढ़ाए है
कंपनी में आज कंसल्टेंट आए हैं
मोटी फीस के बदले एक मोटा रिपोर्ट किया है सबमिट
कई बार पढ़ने के बाद भी है सब बेहद चकित
हर पन्ने पे सेम बात दुहराए है
कंपनी में आज कंसल्टेंट आए हैं
कलम से ही सही , पर वार तो करेंगे हम .
जब छा जाएगी चहु दिशा में घनी काली अँधियारी,
और मदद को चिल्लाएगी भीड़ से घिरी एक अबला नारी ,
तब सोए हुए वीरों को जगाने के लिए गीत नए गढ़ेंगे हम ,
कलम से ही सही , पर वार तो करेंगे हम.
जब पापीयों के पाप से होगी ये धरा नम,
और मनुज के होगा समक्ष उसके अस्तित्व का ही प्रश्न,
तब मशाल आशा का लिए दिशा नयी दिखलायेंगे हम ,
कलम से ही सही पर वiर तो करेंगे हम .
लहू बहाए बिन मिलता नहीं है न्याय गर ,
भय हमें नहीं यदि कट जाये भी ये सर ,
रक्त की नदिया बहाने के लिए तलवार भी धरेंगे हम ,
कलम से ही नहीं असल का वार भी करेंगे हम .